
बिलासपुर सांसद तोखन साहू नरेंद्र मोदी सरकार 3.0 मंत्रिमंडल में शामिल हो गए। उन्होंने राज्यमंत्री के रूप में संविधान की शपथ ली। राज्य मंत्री के रूप में वे छत्तीसगढ़ से अकेले प्रतिनिधित्व करेंगे। शपथ ग्रहण के बाद उन्हें देशभर से बधाई मिल रही है। जिनमे से एक संदेश प्रदेश के 1 लाख से ज्यादा अनियमित कर्मचारियों की तरफ से भी है। ये वही अनियमित कर्मचारी है जिन्होंने लोकसभा चुनाव में तोखन साहू को अपना समर्थन देकर जीत में अहम भूमिका अदा की थी।


लोकसभा चुनाव में तोखन साहू ने 164558 मतों से युवा चेहरे देवेंद्र यादव को हराया है। जिसमे प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों का बड़ा योगदान बताया गया है। लोकसभा चुनाव के दौरान अनियमित कर्मचारियों के अध्यक्ष रवि गढ़पाले ने टीम के साथ तोखन साहू को संघ का समर्थन दिया था। गढ़पाले ने एक वीडियो संदेश जारी कर साथियों से तोखन साहू को वोट करने और पक्ष में प्रचार करने की अपील भी की थी। जिसके बाद अनियमित कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई, तोखनलाल साहू न केवल विजयी हुए बल्कि उन्हें मोदी सरकार में राज्य मंत्री के रूप में जगह मिली।
संगठन के अनुसार बिलासपुर में अनियमित कर्मचारियों की संख्या करीब 10 हजार है। इसके अलावा उनके प्रति परिवार 5 लोग भी थे, जिन्होंने नियमितीकरण की आस में भाजपा प्रत्याशी को वोट किया। जिससे ही करीब 50 हजार वोट तोखन साहू के पक्ष में गिरे। बहरहाल जीत और मंत्री बनाए जाने पर अनियमित कर्मचारियों ने तोखन साहू को बधाई दी है। साथ ही भरोसा जताया है कि अनियमित कर्मचारियों का मुद्दा केंद्रीय स्तर का बनेगा, सभी के प्रयास से उन्हें लाभ मिलेगा।

BJP को है संगठन की ताकत का अंदाजा, इसलिए 2024 विधानसभा चुनाव से पहले मांगा था समर्थन
कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा पुराना है लेकिन इसे बल मिला साल 2017 में..राज्य में BJP की सरकार थी लेकिन तत्कालीन सरकार ने इनकी मांगो पर ध्यान नहीं दिया। आंदोलन उग्र हुआ तो दूसरी तरफ कॉंग्रेस ने अपने घोषणापत्र के जरिए नियमितीकरण का वादा कर दिया, करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों और इसके अलावा उनके परिवारों ने कॉंग्रेस को वोट किया। जिसकी बदौलत प्रदेश में कॉंग्रेस की सरकार बनी। लेकिन जब बीती सरकार में इनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो मुद्दे को वापस भाजपा ने लपक लिया, पार्टी के आलानेताओ ने अनियमित कर्मचारियों से मुलाकात की और भाजपा के पक्ष में वोट मांगे। क्योकि इन्हें अनियमित कर्मचारियों की ताकत का अंदाजा हो गया था। प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले की अपील पर बीजेपी प्रत्याशियों के पक्ष में वोटिंग हुई और प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बनी।



