ब्लास्ट मामले में 3 घंटे बाद पहुंचे झापड़मार कलेक्टर, लोगों ने जानबूझकर लापरवाही का लगाया आरोप, कॉंग्रेस ने बनाई जांच समिति, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने मांगा 50 लाख का मुआवजा
IAS RANVEER SHARMA रहे हैं विवादित, कांकेर में घूस लेते रंगे हाथ हुए थे अरेस्ट, सूरजपुर में नाबालिग को मारा था सरेआम झापड़

बेमेतरा। कोरोना के दौरान सूरजपुर कलेक्टर तो आपको याद ही होंगे। हाँ वही कलेक्टर जिन्होंने नाबालिग का मोबाइल तोड़ा था और सरेराह उसे झापड़ लगाया था। किरकिरी के बाद उन्होंने माफी तो मांग ली थी लेकिन शनिवार को स्पेशल ब्लास्ट फैक्ट्री हादसे में भी वे खुद को साबित नहीं कर पाए। फिलहाल अभी वो इसी जिले के कलेक्टर है। हादसे में जितनी लापरवाही फैक्ट्री प्रबंधन की थी उतनी ही लापरवाही जिला प्रशासन ने भी की। इतनी बड़ी घटना के बाद भी बेमेतरा कलेक्टर रणवीर शर्मा तीन घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचे। इतना ही नहीं दमकल की गाड़ियां भी 4 घंटे बाद पहुंची। जबकि विस्फोट की आवाज 5-6 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। लेकिन घटना के दो घंटे बाद भी घटना के हताहतों की पुष्ट जानकारी तो दूर मलबा हटाने का काम तक शुरू नहीं हुआ है।
फैक्ट्री प्रबंधन को समय दिया गया!
ब्लास्ट की आवाज 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी लेकिन जिला प्रबंधन के कान में जूं तक नहीं रेंगी जिला प्रशासन 3 घंटे और फायर ब्रिगेड 4 घंटे बाद पहुंचा। बताया जा रहा है कि उस फैक्ट्री के संचालक और फैक्ट्री के अधिकारी लगातार संपर्क में थे। दौरान 4-5 ट्रकों में सामान लोड कर दूसरी जगह भेज दिया गया।


छत्तीगढिया क्रांति सेना न्याय मांगने उतरी
बेमेतरा पिरदा बारूद फ़ेक्ट्री में हुवे विस्फोट में हताहत ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के पास न्याय की गुहार लगाई है । जैसे ही घटना की जानकारी मिली संगठन के पदाधिकारी तत्काल घटना स्थल पहुँच गये और स्थिति को सँभालने का काम शुरू कर दिया। संगठन प्रत्येक मृतक/घायल के परिजनों को 50 लाख रुपए मुवावजा राशि , 15 हज़ार रुपए महीने का गुजारा भत्ता राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की माँग की है । छत्तीसगढ़िया मज़दूरों के साथ जब तक न्याय नहीं होगा छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना आंदोलन जारी रखेगा ।
2012 बैच के IAS रणबीर शर्मा 2015 में कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में एसडीएम के रूप में काम करते हुए चर्चा में आए थे। तब वो पटवारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए थे। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद भी उन्हें पद से हटा दिया गया था। उस दौरान एसडीएम रणबीर शर्मा ने एक जमीन की खरीद-फरोख्त मामले में जांच रोकने और कार्रवाई नहीं करने के लिए घूस की मांग की थी. पटवारी सुधीर लकड़ा ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो में कर दी थी. इसके बाद ब्यूरो की टीम ने रणनीति के तहत एसडीएम रणबीर शर्मा को उनके चेंबर में 10 हजार की घूस लेते पकड़ा था। फिर सूरजपुर कलेक्टर रणबीर शर्मा एक नाबालिग के साथ बदसलूकी करते नजर आए थे।



