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छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की पत्नी ने गलत तरीके से महासमुंद के जलकी गावं में अवैध जमीन कब्ज़ा कर बनाया आलिशान रिसोर्ट, कोर्ट ने जमीन की रजिस्ट्री शून्य किया

अवैध

छत्तीसगढ़ : रायपुर : कोर्ट ने 23 अप्रैल 2024 के आदेश अनुसार बृजमोहन अग्रवाल की पत्नी ने ग्राम जलकी, जिला महासमुंद में जमीन को गलत तरीके से खरीदकर अवैध रिसोर्ट बनाया था
उस समय बृजमोहन अग्रवाल राज्य में जल संसाधन मंत्री थे तब उन्हे जानकारी थी कि अगल-बगल की जमीन जल संसाधन विभाग की है और जल संसाधन विभाग ने सरकारी खर्च कर जलाशय 15 एकड़ से ज्यादा भूमि में बनी हुयी है।

1994 में ग्राम झलकी में किसान ईश्वर प्रसाद ने अपना खं. नं. 117 रकबा 4.124 हेक्टेयर दान में भूमि जल संसाधन विभाग को जलाशय बनाने रजिस्ट्रीकृत दान पत्र के द्वारा दिया।
जल संसाधन विभाग ने राजस्व प्रपत्र में नामांतरण नही करा पाया तब बृजमोहन अग्रवाल पूर्व जल संसाधन मंत्री ने यह जानते हुये कि ईश्वर प्रसाद के दान देने के बाद जमीन के मालिक ईश्वर प्रसाद उनके वारिसान नहीं है।
इस बात की जानकारी रखते हुये ईश्वर प्रसाद के मृत्यु के पश्चात उनके पुत्रों विष्णु, किशुन, कृष्ण लाल साहू के नाम राजस्व रिकार्ड में खं. नं. 117 रकबा 4.124 हेक्टेयर भूमि चढ़ाकर अपनी पत्नी सरिता अग्रवाल के नाम  खरीद लिया और शासकीय भूमि में कब्जा कर लिया।

जिला न्यायालय में यह मामला राज्य शासन की तरफ से दायर किया गया। उसमें जल संसाधन विरूद्ध विष्णु किशुन, कृष्णपाल एवं सरिता अग्रवाल पति बृजमोहन अग्रवाल के प्रकरण में 23 अप्रैल 2024 को फैसला सुनाते हुये यह आदेश दिया।
प्रतिवादी 1 से 3 द्वारा श्रीमती सरिता अग्रवाल पति बृजमोहन अग्रवाल के पक्ष के निष्पादित पंजीकृत विक्रय पत्र 17.07.2009 को प्रारंभ से शून्य घोषित किया जाता है।
श्रीमती सरिता अग्रवाल पति बृजमोहन अग्रवाल को भूमि का रिक्त आधिपत्य राज्य शासन को दो माह में सौंपने का आदेश दिया जाता है।
कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि इस मामले रजिस्ट्री शून्य घोषित होने के बाद इसमे संलिप्त क्रेता ओर विक्रेता के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जाये।

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