असम। गुवाहाटी में कांग्रेस समर्थकों और असम पुलिस के बीच हुई झड़प और बेरिकेडिंग तोड़ने के मामले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने उपयुक्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एफआईआर में एक नाम राहुल गांधी का भी है।
इसके निर्देश खुद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दिए हैं। ट्वीट कर हिमंता ने कहा है कि असम एक शांतिप्रिय प्रदेश है, राहुल गांधी की हरकत नक्सलियों जैसी है। DGP मामले में कार्रवाई करें।
जिसके बाद मंगलवार शाम को डीजीपी जीपी सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि, यात्रा को मेघालय से गुवाहाटी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 होते हुए कामरूप जिले के हाजो की ओर जाना था। दो प्रमुख सड़कें हैं, इनमें से एक का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी। इनमें से आयोजकों और एएसएल के साथ विचार-विमर्श के बाद तदनुसार तय किया गया था। ऐसा सामान्य सड़क उपयोगकर्ताओं को असुविधा से बचाने के लिए किया गया था। हालांकि, सड़क कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने मार्ग बदलने पर जोर दिया, जिससे शहर का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता और साथ ही सड़क कार्यक्रम का हिस्सा रहे जेड श्रेणी पीपी (राहुल गांधी) की सुरक्षा को खतरे में डालना था।उन्होंने कहा कि एएसएल योजना का पालन करने की सलाह दिए जाने के बाद खानापाड़ा क्रॉसिंग पर वरिष्ठ नेताओं के उकसावे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यात्रा मार्ग बदलकर जबरन रास्ता बनाने की कोशिश की, जिसका असम पुलिस द्वारा विरोध किया गया।
जीपी सिंह ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर बल प्रयोग किया और कुछ बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की। इससे कुछ पुलिसकर्मी और आमजन घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स को तोड़ने के लिए बल का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने के लिए गैरकानूनी गतिविधियों के लिए लोगों को उकसाने वाले नेताओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इस अनियंत्रित व्यवहार से गुवाहाटी में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम हो गया। राहुल गांधी और इसमें शामिल अन्य कांग्रेसियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।




