कौन हैं दिल्ली की CM रेखा गुप्ता, जानिए इनके बारे में A to Z, दादा आढ़ती रहे
Delhi CM REKHA GUPTA

भाजपा ने जींद, हरियाणा की रेखा गुप्ता को दिल्ली का मुख्यमंत्री चुन लिया है। रेखा के दादा आढ़ती और पिता बैंक मैनेजर रहे हैं। रेखा स्टूडेंट लाइफ से ही पहले RSS से जुड़ी फिर पॉलिटिक्स में आ गई थीं। जिसका उन्हें लाभ मिला। बताया जा रहा है उनके नाम का प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तरफ से आया, जिसे भाजपा ने मान लिया। इस वक्त वे दिल्ली भाजपा की महासचिव और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।
रेखा ने इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग सीट से विधायक हैं। उन्होंने AAP की वंदना कुमारी को 29,595 वोटों से हराया है।
जींद में है रेखा का पुश्तैनी मकान

रेखा गुप्ता का पुश्तैनी गांव नंदगढ़ जींद के जुलाना हलके में है। यहां उनके दादा मनीराम और परिवार के लोग रहते थे। करीब 50 साल पहले तक रेखा के दादा मनीराम जिंदल और परदादा गंगाराम गांव में ही रहते थे। गांव में उन्होंने दुकान की थी। इसके बाद इन्होंने जुलाना में आढ़त की दुकान कर ली और परिवार समेत वहीं शिफ्ट हो गए। उनकी छोटी ईंटों से बनी हवेली को गांव के ही चांदराम ने खरीद लिया था। इसके बाद उन्होंने वहां अपना मकान बना लिया।
पिता बैंक मैनेजर बने तो दिल्ली शिफ्ट हो गए
रेखा के पिता जयभगवान बैंक ऑफ इंडिया में काम करते थे। साल 1972-73 में वह मैनेजर बने तो उनकी बदली दिल्ली हो गई थी। इसके बाद परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया। इस वजह से रेखा की स्कूल की पढ़ाई से लेकर ग्रेजुएशन और एलएलबी की पढ़ाई दिल्ली में ही हुई है। रेखा की साल 1998 में स्पेयर पार्ट्स कारोबारी मनीष गुप्ता से शादी हुई।
दादा बोले- छात्र जीवन से ही राजनीति में आईं
रेखा का जन्म 19 जुलाई 1974 को हुआ था। छात्र जीवन से ही रेखा राजनीति में सक्रिय हो गई थीं। वे इससे पहले भी दो बार विधानसभा चुनाव लड़ा। पहली बार वह 11 हजार वोटों से हार गई थी तो पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी की वंदना से साढ़े चार हजार वोटों से हार गई थीं।
रेखा गुप्ता बोलीं- दिल्ली में नया अध्याय शुरू होगा इस पर रेखा गुप्ता ने कहा- भाजपा में सीएम पद का कोई भी दावेदार नहीं है। यह सब पार्टी तय करती है, जिसे भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह प्रतिबद्धता के साथ काम करेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि बीजेपी के सीएम के साथ दिल्ली में एक नया अध्याय शुरू होगा। दिल्ली बहुत सारे विकास कार्यों के साथ एक नई कहानी लिखेगी, लोगों को अधिकार मिलेंगे, सभी काम होंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए बहुत उत्साह है। लोग इसमें शामिल होना चाहते हैं। 27 साल बाद दिल्ली अपनी क्षमता का एहसास करने के लिए तैयार है। हमारे पास बहुत सारी विकास योजनाएं है।



