
दंतेवाड़ा। जब पूरा देश रौशनी से जगमग दीपोत्सव मना रहा है वहीं छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही नेे 17 लोगों की आँखों के रौशनी छीनकर उनके जीवन में अँधेरा ला दिया है। मामला बिगड़ने के बाद ऑल इंडिया ऑप्थेल्मोलॉजिकल सोसायटी द्वारा गठित डॉक्टरों की समिति ने छत्तीसगढ़ आकर इन मरीजों की जांच की है। टीम में डॉ. उदय गाजीवाला (अध्यक्ष एआईओएस एडवर्स इवेंट्स रिपोर्टिंग कमेटी), डॉ. अरविंद कुमार मोर्या (राष्ट्रीय संयोजक, एआईओएस एडवर्स इवेंट्स रिपोर्टिंग समिति), डॉ. प्रशांत केशाओ बावनकुले (शैक्षणिक एवं अनुसंधान समिति एआईओएस एवं रेटिना विशेषज्ञ) है। बताया जा रहा है कि दवाई और ऑपरेशन के जरिए 17 में से 14 मरीजों के आंखों की रौशनी वापस आने की संभावना है। लेकिन इसमें समय लगेगा। इसके अलावा 3 मरीजों में संक्रमण अधिक फैल गया है, जिसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रणनीति बनाकर इलाज करेगी।
सरकारी टारगेट पूरा करने के चक्कर में हुआ हाल…
इस साल दंतेवाड़ा जिलें में 15सौ मोतियाबिंद ऑपरेशन का टारगेट था। इसके लिए दंतेवाड़ा ब्लॉक को 493, गीदम को 436, कटेकल्याण को 237 और कुंआकोंडा को 334 टारगेट पूरा करने डाक्टरों ने जानबूझकर लोंगो के आँखों की रोशनी से खिलवाड़ किया, मई जून में डाक्टरों के प्रशिक्षण पर चले जाने से मोतियाबिंद का आपरेशन नहीं हुआ, जब प्रशासन से टारगेट पूरा करने का दबाव बना तो अक्टूबर में अप्रैल-मई में ताबड़तोड़ आपरेशन हुआ। लेकिन इस दौरान गड़बड़ी हुई और मरीजों में संक्रमण फैल गया। मामला बढ़ा तो इन संक्रमित 17 मरीजों केा रायपुर में मेकाहारा स्थित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान रेफर किया गया।




